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कोलारस SDM कार्यालय के सामने 'नफरती भाषण', बहुजन समाज में आक्रोश, UGC कानून की मांग तेज कोलारस में सवर्ण समाज की रैली में OBC, SC-ST समाज को मिली 'पेट्रोल डालकर जलाने' की धमकी, SDM दफ्तर के बाहर सरेआम कानून की धज्जियां उड़ीं

शुक्रवार, 30 जनवरी 2026

कोलारस SDM कार्यालय के सामने 'नफरती भाषण', बहुजन समाज में आक्रोश, UGC कानून की मांग तेज

कोलारस में सवर्ण समाज की रैली में OBC, SC-ST समाज को मिली 'पेट्रोल डालकर जलाने' की धमकी, SDM दफ्तर के बाहर सरेआम कानून की धज्जियां उड़ीं


धमकी भरा भाषण देते सवर्ण 

शिवपुरी कोलारस । प्रदेश में सामाजिक समरसता के दावों के बीच शिवपुरी जिले के कोलारस से एक ऐसी रूह कंपा देने वाली तस्वीर सामने आई है, जिसने न केवल मानवीय मूल्यों को तार-तार कर दिया है बल्कि देश के संविधान को भी खुली चुनौती दी है। सवर्ण समाज की एक रैली के दौरान मजिस्ट्रेट (SDM) कार्यालय के ठीक सामने बहुजन समाज (OBC, SC, ST) के लोगों को पेट्रोल डालकर नंगा जलाने जैसी जघन्य धमकियाँ खुलेआम दी गईं।

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल, नामजद आरोप

इस घटना का एक वीडियो तेजी से प्रसारित हो रहा है, जिसमें नफरत और हिंसा की पराकाष्ठा देखी जा सकती है। वीडियो में कथित तौर पर भाजपा नेता जगदीश जादौन को बहुजन समाज के प्रति जहर उगलते सुना जा सकता है। वीडियो में दी गई धमकियां किसी आवेश का परिणाम नहीं, बल्कि एक विशेष वर्ग के प्रति गहरी नफरत और हिंसक मानसिकता की खुली अभिव्यक्ति प्रतीत होती हैं।

प्रशासन की नाक के नीचे 'आपराधिक कृत्य'

हैरानी की बात यह है कि ये धमकियां किसी गली-कूचे में नहीं, बल्कि इलाके के सबसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक केंद्र (SDM कार्यालय) के सामने दी गईं। सवाल उठता है कि जब प्रशासन की नाक के नीचे एक बड़े जनसमुदाय को जिंदा जलाने की धमकी दी जा सकती है, तो समूचे अंचलों में रहने वाले आम बहुजन नागरिकों की सुरक्षा का क्या हाल होगा••?

UGC कानून की उठने लगी मांग

इस घटना ने एक बार फिर देश में कठोर 'UGC कानून' (Universal Genocide Convention या घृणा अपराध विरोधी कानून) की आवश्यकता पर बहस छेड़ दी है। प्रबुद्ध नागरिकों और बहुजन संगठनों का कहना है कि ऐसे जहरीले विचारों और जातिगत धमकियों पर लगाम लगाने के लिए सख्त कानून ही एकमात्र रास्ता है।

जनता की मांग: न्याय, नफरत नहीं

कोलारस की जनता और बहुजन समाज के प्रतिनिधियों ने स्पष्ट कर दिया है कि देश किसी की जातिगत नफरत या रसूख से नहीं, बल्कि बाबा साहेब के बनाए संविधान से चलेगा। अब देखना यह है कि शिवपुरी पुलिस और जिला प्रशासन इन 'सफेदपोश' उपद्रवियों पर क्या कार्रवाई करता है, या फिर रसूख के आगे कानून एक बार फिर बौना साबित होगा?

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