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करैरा वन विभाग का 'सुपरफास्ट' फर्जीवाड़ा: दफ्तर में बैठकर नाप दिया 6 हजार बीघा का जंगल, चंद घंटों में गिने 320 ठूंठ!

रविवार, 26 अप्रैल 2026

6 बीटो कि शिकायत में से केवल एक बीट कि जांच उसमे भी फर्जी तरीके से जांच करने के आरोप 

डिप्टी रेंजर कुलदीप व ब्रजेश राय का कमाल दफ्तर में बैठकर चंद घंटो में तैयार कि फर्जी जांच रिपोर्ट

ब्रजेश राय 

शिवपुरी। जिले के करैरा वन परिक्षेत्र मैं भ्रस्टाचार के एक के बाद एक मामले लगातार सामने आ रहे है क्षेत्र में अवैध उतखनन, हरे भरे पेड़ों की कटाई, वन भूमि पर अतिक्रमण आगजनी की घटना से लेकर अब फर्जी जांच तक का मामला सामने आ गया है। दरअसल करैरा वन विभाग की चंदावनी, वैरघाट, वीरा, वपावली, कुमरउहा, खोड़ बीट में अवैध उतखन्न, पेड़ों की कटाई, अतिक्रमण, अवैध लाल मुर्म की शिकायत मिली थी जिस पर वन विभाग के बरिष्ठ अधिकारियो ने 02 मार्च 2026 को करैरा डिप्टी रेंजर कुलदीप सिंह गौर व प्रभारी डिप्टी रेंजर ब्रजेश राय और सहयोगी सेलेन्द्र सिंह चौहान, अमित यादव, रोहित श्रीवास्तव, सागर जैन बीटगार्ड को जांच दल में शामिल कर वैरघाट बीट की जांच करने के लिए भेजा। जांच दल ने अपने पंचनामा में बताया कि उन्होंने वैरघाट बीट में पैदल चलकर भ्रमण किया तो उन्हें कक्ष क्रमांक 1068 में 172 ठूठ खैर प्रजाति के अवैध रूप से कटे पाए। वही कक्ष क्रमांक 1069 में 72 ठूठ खैर प्रजाति के अवैध रूप में पाए गए। आगे जांच में बताया गया है कि उन्हें दूसरी बार कक्ष क्रमांक 1068 में 76 ठूठ खैर प्रजाति के पाए गए। वही यह भी बताया गया हैं कि कक्ष क्रमांक 1068 में ही दो अलग अलग जगह 10-15 दिनों का ताज़ा अवैध मुरम उतखन्न का 382•5 घन मीटर का गड्डा मिला है जांच दल ने अपनी जांच में केवल वैरघाट बीट में टोटल 320 केवल खैर प्रजाति के पेडो के ठूठ पाए और 382•5 घन मीटर अवैध मुरम , जांच दल ने 02 मार्च को ही अपने बरिष्ठ अधिकारियो को जांच कर जांच सौंप दी और 1053/7/02/03/2026 में पीआर काट दी। 

जांच पर आँच और उठते सवाल 

वैरघाट बीट में पेड़ों कि अवैध कटाई के मामले में डिप्टी रेंजर वालीराम हरिजन व बीट गार्ड कौशल शर्मा को पहले ही सस्पेंड कर दिया था इसके बाद 02 मार्च को ब्रजेश राय जो कि चंदावनी बीट गार्ड था उसको 3 बजे वालीराम हरिजन ने चर्ज दिया 02 मार्च को ही शाम करीब 6 बजे वैरघाट बीट का रमेश जाटव ने सागर जैन को चार्ज दिया और 02 मार्च को ही प्रभारी रेंजर संचेद्र सिंह तोमर ने वैरघाट बीट कि जांच के लिए कुलदीप सिंह गौर और ब्रजेश राय व सहयोगियों को आदेश दिया और 02 मार्च को ही जांच कर जिम्मेदारो ने बरिष्ठ अधिकारियो को जांच सौंप दी। अब खास बात यह है कि ब्रजेश राय जिसने दोपहर करीब 3 बजे डिप्टी का चार्ज लिया सागर जैन जिसने करीब शाम 6 बजे वैरघाट बीट का गार्ड के रूप में चार्ज लिया तो फिर “क्या रात में वैरघाट बीट के ठूठ गिन्ने पहुंचे जिम्मेदार••? वैरघाट बीट का क्षेत्र करीब 6 हजार बीघा का है जो कि जांच करता अधिकारी व कर्मचारियों का पहले से दिखा भी नहीं था फिर कैसे जांच हुई••? एक ही दिन में जांच के आदेश एक ही दिन में प्रभार भी लिया और एक ही दिन में ठूठ कि जांच कर उनपर पेंट भी किया और एक ही दिन में जांच सौंप दी कैसे••? ब्रजेश राय जिसकी खुद कि बीट चंदावनी में पेड़ों कि कटाई,  अवैध रेत उतखन्न, जमीन पर अतिक्रमण व आगजनी कि घटनाओ आए दिन हो रही हो जिस पर डिप्टी वालीराम हरिजन को झूठी शिकायत कर हटवाने का आरोप लगा हो जो खुद दागी हो उस पर कार्यवाही कि जगह विभग उसे प्रमोशन से नवाज रहा है आखिर क्यों••? 

पंचनामा से खुला  बिना मौका मुआना के जांच का राज 

जांच में मैन जिम्मेदार अधिकारी कुलदीप सिंह गौर करैरा डिप्टी रेंजर और ब्रजेश राय वैरघाट बीट प्रभारी डिप्टी रेंजर ने कक्ष क्रमांक 1068 में जो अवैध मुरम से 382•5 घन मीटर का गड्डा 10-15 दिन पुराना बताया है वह कक्ष क्रमांक 1068 में है ही नहीं वह कक्ष क्रमांक 1070 में मौजूद है वही कक्ष क्रमांक 1068 में ही एक बार 172 दूसरी बार 76 पेड़ केवल खैर प्रजाति के कटना बताया गया है सवाल यह उठता है कि क्या जगल में केवल खैर के ही पेड़ मौजूद है और कोई पेड़ नहीं है••? इन सब कारनामो से तो यही कहा जा सकता है कि ब्रजेश राय और कुलदीप सिंह गौर ने बिना जांच पड़ताल के ऑफिस में बैठकर ही फर्जी जांच प्रतिवेदन पंचनामा बना दिया है अगर इस मामले डीएफओं ने द्वारा से निष्पक्ष जांच करवाई तो ब्रजेश राय और कुलदीप गौर दोनों बर्खास्त होकर घर बैठ जाएंगे और केवल वैरघाट बीट में  ही वन विभाग का बहुत बड़ा घोटाला सामने निकाल कर आएगा हम इस ख़बर के माध्यम से DFO सुधांशु यादव से भी अपील करना चाहते हैं कि वह इस मामले की द्वारा से जाँच करवाए। 

आग बुझाने नहीं पहुंचे ब्रजेश राय 

करैरा वन विभाग कि चंदावनी बीट में जिसके बीट गार्ड खुद ब्रजेश राय है सूत्र बताते है कि अभी शुक्रवार 24 अप्रेल 2026 को चंदावनी बीट में करीब 70 बीघा वन क्षेत्र में भीषण आग फैल गई थी जिसकी सूचना बीट गार्ड ब्रजेश राय को दी गई थी लेकिन वह मौके पर नहीं आए और दूसरे बीड गार्ड ने आग बुझाई ब्रजेश ना तो बीट में कभी रुकता है और ना ही दिन में पूरे समय बीट पर रहता है वह कभी कभी ही बीट पर बहुँचता है ऐसे लापरवाह कर्मचारी पर ना तो विभाग कोई कारवाही करता है और ना ही कोई ध्यान देता है। 

इनका कहना है। 

मुझे बीट में तीन चार महिने ही हुए थे मेरी ब्रजेश राय ने झूठी शिकायत कि थी जिस पर जांच हुई जांच में जो पहले से पेड़ कटे हुए थे उनको लेकर पहले कौशल को और अब मुझे सस्पेंड कर दिया है 2 मार्च को करीब 3 बजे मैंने ब्रजेश राय को चार्ज दिया 2 मार्च को ही दूसरी बार जांच का आदेश आया और जांच हुई 2 मार्च को ही पंचनामा बनाकर इन्होंने बरिष्ठ प्रभारी रेंजर सचेद्र को जांच सौंप दी एक ही दिन में सारे काम कैसे हुए है समझ नहीं आया जांच भी संभव नहीं है। 

वालीराम हरिजन पूर्व डिप्टी रेंजर वैरघाट बीट 

इनका कहना है। 

जांच अधिकारी तो कुलदीप सिंह गौर ही थे दो स्टार जांच करने का आदेश कब आया है और जांच में क्या क्या लिखा है यह तो में देखकर ही बता पाउँगा ऐसे मुझे कुछ याद नहीं है। 

ब्रजेश राय प्रभारी डिप्टी रेंजर वैरघाट बीट 

इनका कहना है। 

जांच तो बीट गार्ड सागर शर्मा ने कि है मैं तो सिर्फ उसके साथ गया था अब उसने कैसे जांच कि है यह वही जाने हम सुबह से ही बिना खाना खाएं जांच करने गए थे उसी दिन जांच का आदेश मिला था। 

कुलदीप सिंह गौर करैरा डिप्टी रेंजर

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