"सत्ता के रसूख पर भारी पड़ी खाकी: रन्नोद विवाद में SP ने झुकाया रोब झाड़ने वाले रीलबाज जिलाध्यक्ष का सिर, दर्ज हुई FIR
मामले के हैलाइट्स पार्ट कृपया खबर को पूरा पढ़े••••
“दिल्ली से आया फोन और उड़े जिलाध्यक्ष के होश•••
“तुमने भाजपा और उसकी सरकार को डिब्बे में डाल रखा है।" जिलाध्यक्ष जसमंत जाटव
"अगर मेरी 1% भी गलती हो तो मैं नौकरी से इस्तीफा दे दूंगा।"थाना प्रभारी अरविंद सिंह ने झुकने के बजाय सीना ठोककर जवाब दिया—
युवा SP अमन सिंह राठौड़ का मास्टरस्ट्रोक: "स्टाफ के साथ खड़ा होना मेरी जिम्मेदारी"
“रन्नोद विवाद में आरक्षकों के ढाल बने कप्तान, बैकफुट पर आए जिलाध्यक्ष•••
”जब हम स्टाफ की गलती पर सजा देते हैं, तो ईमानदारी से काम करने वाले स्टाफ के साथ खड़ा होना भी मेरी जिम्मेदारी है।" — अमन सिंह राठौड़, SP शिवपुरी।
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| सिंधिया जी जसमंत जाटव एस पी थाना प्रभारी |
शिवपुरी। जिले के रन्नोद थाना क्षेत्र में शनिवार को शुरू हुआ एक मामूली 'वाहन चेकिंग' विवाद अब प्रदेश की सियासत में चर्चा का विषय बन गया है। इस पूरे घटनाक्रम में न केवल बीजेपी जिलाध्यक्ष जसवंत जाटव को 'बैकफुट' पर आना पड़ा, बल्कि पुलिस के सख्त रुख ने यह साफ कर दिया कि ईमानदारी से ड्यूटी करने वालों के सामने सियासी रसूख हमेशा काम नहीं आता।👇👇
दबंगई से शुरू हुआ ड्रामा: "सरकार को डिब्बे में डाल रखा है!"
मामला तब गरमाया जब आरक्षक अवधेश शर्मा और बाइक सवार मनोज जाटव के बीच भिड़ंत हो गई। वीडियो वायरल हुआ तो जिलाध्यक्ष जसवंत जाटव लाव-लश्कर के साथ रात में ही थाने जा धमके। वहां उन्होंने SDOP के सामने थाना प्रभारी अरविंद सिंह चौहान को सस्पेंड करने और आरक्षकों पर FIR की मांग करते हुए तीखे तेवर दिखाए। उन्होंने यहाँ तक कह दिया, "तुमने भाजपा और उसकी सरकार को डिब्बे में डाल रखा है।"
लेकिन, थाना प्रभारी अरविंद सिंह ने झुकने के बजाय सीना ठोककर जवाब दिया— "अगर मेरी 1% भी गलती हो तो मैं नौकरी से इस्तीफा दे दूंगा।"👇👇
दिल्ली से आया फोन और उड़े जिलाध्यक्ष के होश
सूत्रों की मानें तो जब यह विवाद बढ़ा और मामला केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के कानों तक पहुंचा, तो खेल पलट गया। बताया जा रहा है कि सिंधिया के PA ने जिलाध्यक्ष के इस रवैये को 'अमानवीय' बताते हुए उन्हें तुरंत थाना परिसर छोड़ने का फरमान सुना दिया। फोन कटते ही जो जिलाध्यक्ष धरने पर बैठे थे, वे 'उल्टे पैर' थाने से बाहर निकल गए।👇👇
SP अमन सिंह राठौड़ का मास्टरस्ट्रोक: "स्टाफ के साथ खड़ा होना मेरी जिम्मेदारी"
सोमवार को जिलाध्यक्ष घंटों तक एसपी कार्यालय में आरक्षकों पर कार्रवाई के लिए दबाव बनाते रहे, लेकिन युवा SP अमन सिंह राठौड़ ने साफ कर दिया कि वे किसी दबाव में नहीं आएंगे। एसपी ने न केवल आरक्षकों का पक्ष लिया बल्कि ड्यूटी में बाधा डालने वाले 4 नामजद सहित 6 लोगों पर मामला दर्ज करा दिया।
सोशल मीडिया पर टीआई 'हीरो', जिलाध्यक्ष की 'किरकिरी'
रविवार से ही सोशल मीडिया पर टीआई अरविंद सिंह चौहान की ईमानदारी के चर्चे हो रहे हैं। आम जनता से लेकर मीडिया तक ने पुलिस का साथ दिया। परिणाम यह रहा कि जिलाध्यक्ष को न केवल पुलिस प्रशासन से 'मुंह की खानी' पड़ी, बल्कि अपने ही वरिष्ठ नेताओं की नाराजगी भी झेलनी पड़ी।रन्नोद का यह मामला अब जिले में मिसाल बन गया है कि अगर पुलिस अधिकारी अडिग हो, तो सियासी दबाव की फाइलें भी 'डिब्बे' में बंद हो जाती हैं।
"जब हम स्टाफ की गलती पर सजा देते हैं, तो ईमानदारी से काम करने वाले स्टाफ के साथ खड़ा होना भी मेरी जिम्मेदारी है।" — अमन सिंह राठौड़, SP शिवपुरी।
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