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संविदा पर नौकरी पाकर पीडब्ल्यूडी विभाग के बाबू ने कैसे बनाई आय से अधिक करोड़ो रुपये की संपति / हाई सोसाइटी वृंदावन धाम कॉलोनी में 1260 वर्ग फुट में तीन मंजिला करीब ढेड़ करोड़ रुपये की अलीशान कोठी, घर में पर्सनल बोर, न्यू दर्पण कॉलोनी में करीब 1 हजार वर्ग फुट का प्लॉट कीमत लाखो में / 8 माह पहले विभाग में हुए 7 करोड़ के घोटाले मे भी सामने आया था बाबू का नाम, संपति की हो जांच

रविवार, 18 जनवरी 2026

संविदा पर नौकरी पाकर पीडब्ल्यूडी विभाग के बाबू ने कैसे बनाई आय से अधिक करोड़ो रुपये की संपति / हाई सोसाइटी वृंदावन धाम कॉलोनी में 1260 वर्ग फुट में तीन मंजिला करीब ढेड़ करोड़ रुपये की अलीशान कोठी, घर में पर्सनल बोर, न्यू दर्पण कॉलोनी में करीब 1 हजार वर्ग फुट का प्लॉट कीमत लाखो में / 8 माह पहले विभाग में हुए 7 करोड़ के घोटाले मे भी सामने आया था बाबू का नाम, संपति की हो जांच                  

जय प्रकाश वर्मा

शिवपुरी। पीडब्ल्यूडी विभाग में सहायक ग्रेड 3 के पद पर पदस्थ जय प्रकाश वर्मा [जेपी वर्मा] ने विभाग मे भ्रष्टाचार व रिश्वतखोरी कर करोड़ो रूपये की आय से अधिक संपति अर्जित की है। शहर के हृदय स्थल पीएस होटल के पास वृंदावन धाम कॉलोनी में 1260 वर्ग फुट में तीन मंजिल अलीशन कोठी बनाई है जिसमें सभी लग्जरी सुविधाए मौजूद है कोठी में पर्सनल बोर भी लगवाया गया है। इस कोठी की वर्तमान अनुमानित कीमत करीब ढेड़ करोड़ रुपये है इसके अलावा भी न्यू दर्पण कॉलोनी में करीब 1 हजार वर्ग फुट का प्लॉट है जिसकी अनुमानित कीमत 30 लाख रुपये है। जेपी वर्मा ने अपनी कोठी की देख भाल करने के लिए पीडब्ल्यूडी विभाग में ही पदस्थ हरपाल जाटव नाम के कर्मचारी को अपनी कोठी की चाबी दे रखी है जो प्रतिदिन ऑफिस में अटेंडेस लगाने के बाद जेपी वर्मा की कोठी की देखाभाली करने के लिए उसकी कोठी पर रहता है। बताया जाता है कि जेपी वर्मा के बच्चे भी विदेश में बढाई करते है जिनका लाखो रुपये महिने का खर्चा भी जेपी वर्मा उठाते है। इसके अलावा भी बताया जा रहा है कि जेपी वर्मा मैन लोकेशन पर लाखो रुपये की कीमत का एक नया प्लॉट खरीदने की प्लानिगं कर रहे है। जेपी वर्मा पीडब्ल्यूडी विभाग में संविदा कर्मचारी के रुप से पदस्थ हुए थे अब वर्तमान में वह सहायक ग्रेड 3 के पद पर पदस्थ है जेपी वर्मा 09 सितम्बर 1992 से एक ही स्थान पर पदस्थ बना हुआ है। जिससे उसने आसानी से विभाग में भ्रष्टाचार व रिश्वतखोरी की दम पर करोड़ो रूपये की संपति अर्जित कर ली है अगर इसकी संपित की जांच हुई तो विभाग में हुए 7 करोड़ रूपये के घोटाले से भी परते उठना तय है और एक नया नाम घोटाले की लिस्ट में एंड हो सकता है जेपी वर्मा, अब देखना यह होगा कि कलेक्टर रविन्द्र कुमार चौधरी पीडब्ल्यूडी के इस बाबू की आय से अधिक संपति की जांच कराते है या नहीं या फिर से बाबू अपने आप को बचा लेगा जैसे उसने घोटाले के समय अपना नाम घोटाले से दूर करवा लिया था।

विभाग में हुए 7 करोड़ के घोटाले में भी नाम शामिल
8 माह पहले पीडब्ल्यूडी विभाग में हुए 7 करोड़ से अधिक के वेतन घोटाले में भी जेपी वर्मा व मिथलेश शर्मा सहायक ग्रेड 3 का नाम शामिल था बताया जाता है कि जेपी वर्मा ने पूर्व राज्य मंत्री सुरेश राठखेडा को अपना करीबी बताकर पैसो का लेनदेन कर घोटाले से अपना नाम दूर करवा लिया था सोचने वाली बात है कि विभाग में हुए इतने बडे घोटाते में ईई से लेकर पूर्व अधिकारी कर्मचारी और छोटे बाबू प्रेमनारायण नामदेव भी फस गए तो सोचो जेपी वर्मा तो विभाग में बडे बाबू के पद पर पदस्थ है फिर वह कैसे इस घोटाते से बच गया और अब कैसे आय से अधिक करोड़ो रुपये की संपति का मालिक बन गया, अगर इसकी जांच हुई तो घोटाले की भी परते निकल जाऐगी और एक और भ्रष्टाचार की लिस्ट में नाम ऐड हो जाएगा जेपी वर्मा, अब देखते है कि शिवपुरी कलेक्टर रविन्द्र कुमार चौधरी इसकी आय से अधिक संपति की जांच कराते है या नहीं।

विभाग में 8 माह पहले हुआ है 7 करोड़ का घोटाला
पीडब्ल्यूडी विभाग में 8 माह पहले इसी वर्ष मार्च 2025 में वैतन घोटाला हुआ था जिसमें गैंगमैन के वेतन को अन्य खातो में स्थानांतरित कर निकाल कर बांट लिया था यह घोटाला वर्ष 2018-19 से 2022-23 के बीच वित्तीय अनियमितताएं कर किया गया था, जिसमें कुल 7 करोड़ 15 लाख 75 हजार 911 की राशि शामिल थाी इस घोटाले में कलेक्टर के आदेश पर चार सेवानिवृत्त एग्जक्यूटिव इंजीनियर सहित पांच कार्यपालन यंत्रियों, तीन संभागीय लेखा अधिकारी, दो सहायक ग्रेड टू कर्मचारियों के अलावा 5 आउटसोर्स कर्मचारियों सहित 15 लोगों के खिलाफ कोतवाली थाने में एफआइआर दर्ज की गई थी। इसमें सेवानिवृत्त कार्यपालन यंत्री ओमहरि शर्मा, जीबी मिश्रा, बीएस गुर्जर, हरिओम अग्रवाल, धर्मेंद्र सिंह यादव, संभागीय लेखा अधिकारी एचके मीना, संजय शर्मा, वैभव गुप्ता, सहायक ग्रेड-3 दयाराम शिवहरे, प्रेमनारायण नामदेव, आउटसोर्स कर्मचारी गौरव श्रीवास्तव, सौरभ श्रीवास्तव, शाहरुख खान, नसीम खान, धूलजी, सरिता देवी को आरोपी बनाया गया था।



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