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अब 24 फरवरी को वल्लभ की अदालत तय करेंगी नपा अध्यक्ष गायत्री शर्मा व cmo ईशाक धाकड़ के भविष्य का फैसला••? शिवपुरी नपाध्यक्ष और CMO की कुर्सी पर मंडराया संकट, क्या भ्रष्टाचार के 'प्रमाणित' दाग धो पाएंगे गायत्री शर्मा और ईशाक धाकड़•••?

बुधवार, 11 फ़रवरी 2026

अब 24 फरवरी को वल्लभ की अदालत तय करेंगी नपा अध्यक्ष गायत्री शर्मा व cmo ईशाक धाकड़ के भविष्य का फैसला••?

शिवपुरी नपाध्यक्ष और CMO की कुर्सी पर मंडराया संकट, क्या भ्रष्टाचार के 'प्रमाणित' दाग धो पाएंगे गायत्री शर्मा और ईशाक धाकड़•••?

फोटो गायत्री शर्मा और cmo इशांक 

शिवपुरी। भ्रष्टाचार के दलदल में कंठ तक डूबी शिवपुरी नगर पालिका के 'हुक्मरानों' की मुश्किलें अब वल्लभ भवन के गलियारों तक पहुँच गई हैं। क्या नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा और सीएमओ ईशाक धाकड़ के पास करोड़ों के भ्रष्टाचार का कोई ठोस जवाब है? या फिर 24 फरवरी को भोपाल के कमरा नंबर 203 में होने वाली यह पेशी उनकी विदाई की पटकथा लिखेगी?

150 पन्नों का पुलिंदा भी नहीं बचा सका साख

सूत्रों के मुताबिक, भ्रष्टाचार के संगीन आरोपों से बचने के लिए नगर पालिका के जिम्मेदारों ने 150 पन्नों के रिकॉर्ड और 25 पन्नों का सफाईनामा भोपाल भेजा था। लेकिन नगरीय प्रशासन विभाग के आला अफसर इस कागजी लीपापोती से संतुष्ट नहीं हुए। सवाल यह उठता है कि जब जांच में भ्रष्टाचार 'प्रमाणित' हो चुका है, तो फिर इन कागजों के ढेर से किसे बेवकूफ बनाने की कोशिश की जा रही थी?

एडीएम की जांच ने खोली पोल, अब बगलें झांक रहे जिम्मेदार

कलेक्टर रविंद्र कुमार चौधरी के निर्देश पर एडीएम दिनेश शुक्ला ने जो जांच रिपोर्ट सौंपी है, उसने नपाध्यक्ष और सीएमओ की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं गायब फाइलें, गहरा राज: साढ़े 4 करोड़ की रोड रेस्टोरेशन सहित कई महत्वपूर्ण फाइलें रहस्यमयी तरीके से 'गायब' हैं। क्या यह फाइलें भ्रष्टाचार के सबूत मिटाने के लिए गायब की गईं••? प्रमाणित भ्रष्टाचार: जब प्रशासनिक जांच में भ्रष्टाचार की पुष्टि हो चुकी है, तो गायत्री शर्मा और ईशाक धाकड़ अब तक अपने पदों पर कैसे बने हुए हैं?

24 फरवरी: वल्लभ भवन में होगा 'दूध का दूध और पानी का पानी'

नगरीय विकास एवं आवास मंत्रालय ने अब इन दोनों जिम्मेदारों को नवीन वल्लभ भवन के कक्ष क्रमांक A-203 में दोपहर 12 बजे निजी तौर पर पेश होने का फरमान सुनाया है। शहर में चर्चा है कि यह उनकी आखिरी पेशी हो सकती है। “क्या जनता की गाढ़ी कमाई के साढ़े 4 करोड़ रुपये फाइलों के साथ ही दफन हो जाएंगे••? प्रमाणित भ्रष्टाचार के बावजूद नपाध्यक्ष गायत्री शर्मा अपनी 'नैतिक जिम्मेदारी' क्यों नहीं स्वीकार कर रहीं••? “सीएमओ ईशाक धाकड़ के कार्यकाल में फाइलों का गायब होना महज इत्तेफाक है या कोई बड़ी साजिश••? शिवपुरी की जनता अब भोपाल से आने वाले फैसले का इंतजार कर रही है। क्या भ्रष्टाचार के इन 'सूरमाओं' पर गाज गिरेगी या फिर से जांच के नाम पर वक्त जाया होगा?

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