पिछोर में आबकारी विभाग की बड़ी कार्यवाही : उप निरीक्षक लोकेश बेवारिया, तीर्थराज भारद्वाज और गौरव कोल ने नष्ट किया 27.50 लाख का अवैध मशरूका
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| लोकेश बेवारिया, तीर्थराज भारद्वावाज़, गौरव कॉल की टीम |
पिछोर (शिवपुरी): अवैध शराब के काले कारोबारियों की शामत आ गई है! पिछोर के जंगलों और डेरों में धधक रही अवैध भट्ठियों को आबकारी विभाग की 'स्पेशल स्ट्राइक' ने पूरी तरह ठंडा कर दिया। कलेक्टर रविंद्र चौधरी और उपायुक्त संदीप शर्मा के सख्त तेवरों के बाद जिला आबकारी अधिकारी शुभम दांगोड़े ने ऐसी बिसात बिछाई कि माफिया अपनी जान बचाकर भागते नजर आए।
'सर्जिकल स्ट्राइक' जैसी कार्रवाई: माफियाओं के हौसले पस्त
वृत्त प्रभारी लोकेश बेवारिया, नियंत्रण कक्ष प्रभारी तीर्थराज भारद्वाज और गौरव कुमार कोल की तिकड़ी ने जब सिलपुरा कंजर डेरा और खनियाधना के ठिकानों पर धावा बोला, तो वहां हड़कंप मच गया। टीम ने फिल्मी अंदाज में घेराबंदी कर माफियाओं के नेटवर्क को छिन्न-भिन्न कर दिया। 27,200 किलो गुड़ लहान नष्ट: माफियाओं ने हजारों किलो गुड़ लहान छिपा रखा था, जिसे टीम ने अपनी आंखों के सामने जमीनदोज कर दिया। करीब 27,69,200 रुपये की कीमत का माल पल भर में मिट्टी में मिला दिया गया। 46 लीटर जहरीली हाथ भट्टी शराब जब्त कर बड़ी अनहोनी को टाला गया।
जांबाज टीम की 'डाली' रेड
इस बड़ी कार्रवाई को अंजाम देने में लोकेश बेवारिया, तीर्थराज भारद्वाज और गौरव कोल की रणनीति सबसे कारगर साबित हुई। इनके साथ आरक्षक गिरराज, सतीश, डोंगर सिंह, डालसिंह, रितिक और जांबाज सैनिक सुमन जोशी, रीतू व दिलीप ने घने क्षेत्रों और संदिग्ध डेरों में घुसकर माफियाओं के साम्राज्य को चुनौती दी।
10 मुकदमों से कसा शिकंजा
विभाग ने केवल माल ही नष्ट नहीं किया, बल्कि आबकारी अधिनियम 1915 के तहत 10 एफआईआर (FIR) ठोक कर अपराधियों को यह बता दिया है कि अब उनकी खैर नहीं। आबकारी विभाग की इस 'क्लीन स्वीप' ने साफ कर दिया है कि जिले में नशे का कारोबार करने वालों के लिए अब कोई जगह नहीं बची है। शराब माफिया सुधर जाएं या बोरिया-बिस्तर बांध लें, क्योंकि बेवारिया और भारद्वाज की टीम का अगला पड़ाव कहीं भी हो सकता है!

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