Recent Posts

शिवपुरी में खनिज विभाग की नाक के नीचे 'नियमों की डकैती', क्या रसूख के आगे नतमस्तक है खनिज विभाग•••? मासूमों की सेहत पर भारी 'रेत का काला कारोबार': स्कूल के पास उड़ती धूल, न वॉटर कैनन, न दीवार; खनिज माफिया के आगे प्रशासन नतमस्तक? खदान संचालक या फड संचालक? नियमों को ठेंगा दिखाकर बेची जा रही गिट्टी और ईंट; अन्य कारोबारियों का गला घोंट रहा 'जैन फड'।"

शनिवार, 7 फ़रवरी 2026

शिवपुरी में खनिज विभाग की नाक के नीचे 'नियमों की डकैती', क्या रसूख के आगे नतमस्तक है खनिज विभाग•••?

मासूमों की सेहत पर भारी 'रेत का काला कारोबार': स्कूल के पास उड़ती धूल, न वॉटर कैनन, न दीवार; खनिज माफिया के आगे प्रशासन नतमस्तक?

खदान संचालक या फड संचालक? नियमों को ठेंगा दिखाकर बेची जा रही गिट्टी और ईंट; अन्य कारोबारियों का गला घोंट रहा 'जैन फड'।"


जैन बिल्डिंग मटेरियल 

शिवपुरी। जिले के खनिज विभाग में भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी गहरी हैं, इसका जीवंत प्रमाण 'जैन बिल्डिंग मटेरियल' के रूप में देखा जा सकता है। यह महज एक व्यापारिक प्रतिष्ठान नहीं, बल्कि नियम-विरुद्ध कार्यप्रणाली का वह गढ़ है जो विभाग की कार्यक्षमता पर कालिख पोत रहा है। चौंकाने वाला तथ्य यह है कि निखिल जैन द्वारा संचालित यह फड़ वर्ष 2024 तक एक तरह से अवैध रूप से संचालित होता रहा, पहले इस फड़ को संचालित करने की अनुमति किसी अन्य स्थान के लिए दी गई थी। लेकिन नियमों को ठेंगा दिखाते हुए संचालक ने इसे मनियर पेट्रोल पंप के पास शुरू कर दिया। ताज्जुब की बात यह है कि सालों तक यह "गलत लोकेशन" पर चलता रहा, लेकिन जिला मुख्यालय से मात्र आधा किलोमीटर दूर बैठे अधिकारियों को इसकी भनक तक नहीं लगी। क्या यह लापरवाही है या फिर नियमित 'कमीशन' का परिणाम•••? “विभाग ने केवल 50 घन मीटर की अनुमति दी, लेकिन मौके पर 250 घन मीटर (5 गुना ज्यादा) माल का साम्राज्य फैला है। यहाँ से जेसीबी के जरिए डंपर भरकर अन्य फड़ संचालकों को माल सप्लाई किया जा रहा है, जो कि एक फड़ संचालक के अधिकार क्षेत्र से बाहर है। यह सीधे तौर पर खदान मालिकों के व्यापार में सेंधमारी और राजस्व की चोरी है।

मासूमों के स्वास्थ्य से 'खूनी' खिलवाड़

फड़ के ठीक 10 कदम की दूरी पर छोटे बच्चों का स्कूल है। धूल रोकने के लिए न तो यहाँ कोई दीवार है और न ही वॉटर कैनन का उपयोग किया जाता है। सवाल उठता हैं की क्या खनिज विभाग किसी मासूम की जान जाने का इंतज़ार कर रहा है? रेत की यह 'रज' (धूल) बच्चों के भविष्य को अंधकारमय बना रही है, लेकिन विभाग की साठगांठ ने उनकी चीखें अनसुनी कर दी हैं।

बिना कागजों के दौड़ता 'मौत का बेड़ा'

निखिल जैन के फड़ पर करीब 20 ट्रैक्टर-ट्रॉलियां ऐसी हैं जिनका न तो बीमा है, न फिटनेस और न ही ड्राइवरों के पास लाइसेंस। ये वाहन दिन-रात सड़कों पर अवैध परिवहन कर रहे हैं। यदि इन वाहनों से कोई दुर्घटना होती है, तो उसका जिम्मेदार कौन होगा•••?

विभाग की साख पर उठते 5 बड़े सवाल?

सालों तक अवैध स्थान पर फड़ कैसे चलता रहा••? क्या उस समय के अधिकारियों ने अपनी जेबें गर्म कर रखी थीं? “50 घन मीटर की सीमा का उल्लंघन रोज हो रहा है, विभाग की टीम नाप-जोख करने क्यों नहीं पहुँचती ”गिट्टी, ईंट और लाल मुरम बेचने की अनुमति न होने के बावजूद यहाँ इनका बाजार कैसे सजा है? “स्कूल के पास संवेदनशीलता को देखते हुए इस फड़ को तत्काल निरस्त क्यों नहीं किया गया? ”मीडिया की खबरों को रद्दी की टोकरी में डालने वाले अधिकारियों पर शासन कब नकेल कसेगा?

भ्रष्टाचार की मूक गवाही देता 'जैन फड़'

शिवपुरी का यह मामला साफ करता है कि यदि आपके पास 'पहुंच' और 'पैसा' है, तो आप विभाग की नाक के नीचे सालों तक अवैध काम कर सकते हैं। कलेक्टर और वरिष्ठ अधिकारियों को इस "गठजोड़" को तोड़ने के लिए सख्त कदम उठाने होंगे, अन्यथा यह खनिज माफिया पूरे शहर के सिस्टम को खोखला कर देगा।


कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें