आयुक्त शिल्पा गुप्ता का आदेश दरकिनार, क्या शिवपुरी कलेक्टर के भरोसे चल रही विवेक श्रीवास्तव की मनमानी•••? “शिवपुरी शिक्षा विभाग में 'कुर्सी' का खेल: आयुक्त के आदेश पर भारी पड़ रहा रसूख, नियमों को ताक पर रखकर जमे हैं विवेक श्रीवास्तव, दागी अफसरों की ढाल बना शिवपुरी शिक्षा विभाग; कहीं 'इश्क' में सस्पेंशन तो कहीं भ्रष्टाचार ने डुबोई जिले की साख
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| विवेक श्रीवास्तव, संजय श्रीवास्तव, समर सिंह, मनोज निगम, आदेश |
शिवपुरी। (मोहन विकट) मध्य प्रदेश का शिवपुरी जिला इन दिनों अपनी बदहाल शिक्षा व्यवस्था और अधिकारियों की मनमानी को लेकर चर्चा में है। जिले में शिक्षा के मंदिर को पहले 'इश्कबाज़ी' ने शर्मसार किया, फिर भ्रष्टाचार ने प्रदेश में सबसे निचले पायदान पर ला खड़ा किया और अब 'कुर्सी मोह' ने प्रशासनिक व्यवस्था को चुनौती दे दी है। ताज़ा मामला लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) आयुक्त और जिला कलेक्टर के आदेशों के बीच फंसे प्रभार का है, जहाँ वर्तमान DEO विवेक श्रीवास्तव आयुक्त के आदेश को ठेंगा दिखाकर कुर्सी पर जमे हुए हैं।
आयुक्त के आदेश की अवहेलना: कौन बड़ा, शासन या रसूख?
भोपाल आयुक्त शिल्पा गुप्ता ने 21 जुलाई 2025 को स्पष्ट आदेश जारी कर ब्लॉक शिक्षा अधिकारी मनोज कुमार निगम को जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) का प्रभार सौंपा था। नियमानुसार, आयुक्त का आदेश सर्वोपरि होता है, लेकिन विवेक श्रीवास्तव ने प्रभार छोड़ने से इनकार कर दिया। श्रीवास्तव का तर्क कलेक्टर रविन्द्र कुमार चौधरी द्वारा 20 जून 2025 को दिए गए अतिरिक्त प्रभार का है। सवाल यह उठता है कि जब राज्य स्तर से आयुक्त ने नया आदेश जारी कर दिया, तो श्रीवास्तव किस हैसियत से कुर्सी पर बैठे हैं•••? क्या वे खुद को विभाग की सर्वेसर्वा आयुक्त से भी ऊपर मानते हैं•••?
विवेक श्रीवास्तव के भाई संजय का “काला इतिहास: कलंक और सस्पेंड
शिवपुरी शिक्षा विभाग का इतिहास पिछले कुछ समय से विवादों में रहा है, वर्तमान में जिला शिक्षा अधिकारी की कुर्सी संभाल रहे विवेक श्रीवास्तव के भाई पूर्व DEO संजय श्रीवास्तव ने एक महिला शिक्षक के साथ अपनी "रंगीन मिजाजी" के चलते विभाग का सिर नीचा किया। उनका महिला शिक्षक से इक्श ज़ाहिर करते हुए प्यार भरी बातों का एक ऑडियो वायरल हुआ ऑडियो वायरल होने के बाद उन्हें सस्पेंड किया गया, जिससे पूरे प्रदेश में विभाग की किरकिरी हुई।
• समर सिंह राठौर (भ्रष्टाचार और गिरता रिजल्ट)
समर सिंह राठौर के कार्यकाल में शिवपुरी शिक्षा के मामले में प्रदेश में 51वें नंबर पर पहुंच गया। भ्रष्टाचार और लापरवाही के चलते उन्हें डिमोशन झेलना पड़ा और गुना में प्राचार्य बनाकर भेजा गया। उनके समय में नियमों को ताक पर रखकर बिना मान्यता के स्कूल संचालित होते रहे, जिन पर आज तक कार्रवाई नहीं हुई।
ठप पड़ी शिक्षा व्यवस्था, सवालों के घेरे में कलेक्टर
विवेक श्रीवास्तव के कार्यकाल में भी जिले की शिक्षा व्यवस्था में कोई सुधार नजर नहीं आ रहा है। वे अपनी ऊर्जा व्यवस्था सुधारने के बजाय कुर्सी बचाने में लगा रहे हैं। इधर, मनोज निगम ने इस अवहेलना के खिलाफ कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है, जिससे विभाग की अंदरूनी कलह सार्वजनिक हो गई है। सबसे बड़ा सवाल जिला कलेक्टर रविन्द्र कुमार चौधरी पर भी उठ रहा है कि उन्होंने अब तक आयुक्त के आदेश का पालन सुनिश्चित क्यों नहीं करवाया••?
सवाल : क्या शिवपुरी में जिला प्रशासन राज्य शासन के आदेशों से ऊपर है•••? DEO की कुर्सी में ऐसा कौन सा 'शहद' लगा है जिसे विवेक श्रीवास्तव छोड़ने को तैयार नहीं हैं••? क्या भ्रष्टाचार और अनैतिकता में डूबे इस विभाग को कोई ईमानदार नेतृत्व मिल पाएगा•••?

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