आपने तो हमारी समस्या दूर नहीं की आपका कोई काम हो तो बताना में दिल्ली से भी कराने की कोशिश करूँगा, विधयाक से बोला कार्यकर्ता
विधायक ने जिस व्यक्ति को बताया कोंग्रेसी उसने सबूतों के साथ पेश किया अपना दर्द खोल दिया मोर्चा
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| कपिल लोधी देवेंद्र जैन |
शिवपुरी। राजनीति में कुर्सी मिलते ही अपनों को भूल जाने का रिवाज पुराना है, लेकिन शिवपुरी विधायक देवेंद्र जैन ने तो वफादारी की परिभाषा ही बदल दी। जिस कार्यकर्ता ने डर और खौफ के साये में विधायक जी के लिए पोलिंग बूथ संभाला, उसे ही विधायक जी ने पहचानने से इनकार करते हुए 'कांग्रेसी' का तमगा दे दिया। अब अपमान की आग में झुलसे भाजपा कार्यकर्ता कपिल लोधी ने न केवल पलटवार किया है, बल्कि विधायक की कार्यप्रणाली की धज्जियां भी उड़ा दी हैं।
क्या है पूरा विवाद••?
बीते दिनों शिवपुरी विधायक देवेंद्र जैन का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वे अपने ही क्षेत्र के एक कार्यकर्ता को पहचानने से मुकर गए और उसे कांग्रेस का एजेंट बता दिया। भाजपा ने इसे 'विरोधियों का षड्यंत्र' बताकर दबाने की कोशिश की, लेकिन खोड के कपिल लोधी ने सबूतों के साथ मैदान में उतरकर पूरी पटकथा ही पलट दी।
"जब सब डरे थे, तब मैं खड़ा था": कपिल का दर्दनाक पलटवार
विधायक के आरोपों से आहत कपिल लोधी ने अपना वीडियो जारी कर विधानसभा और लोकसभा चुनाव के पोलिंग एजेंट वाले आधिकारिक पर्चे दिखाए। कपिल ने विधायक को सीधा चुनौती देते हुए कहा "विधायक जी, मैं उस समय आपका एजेंट बना था जब विपक्षी उम्मीदवार के डर से कोई घर से निकलने को तैयार नहीं था।"कपिल ने आरोप लगाया कि ढाई साल में पहली बार गांव आए विधायक ने उनके साथ न केवल बुरा व्यवहार किया, बल्कि गाली-गलौज और अमर्यादित शब्दावली का प्रयोग भी किया।“कपिल ने विधायक के सामने ही उनके करीबियों पर भ्रष्टाचार के आरोप जड़ दिए। उन्होंने कहा कि हर जगह विधायक के लोग ही लूट मचा रहे हैं, इसलिए जनता की समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा।
आपका काम दिल्ली से करा लाऊंगा"
वीडियो के सबसे तीखे हिस्से में कपिल ने विधायक देवेंद्र जैन की क्षमता पर ही सवाल उठा दिए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा “विधायक जी आपने हमारा काम तो नहीं किया है अगर आपका कोई काम हो तो हमें बताए में आपके काम कराऊंगा इसके लिए चाहे मुझे दिल्ली तक ही क्यों ना जाना पढ़े और कराने की कोशिश करूँगा।
अपनों से ही घिरे माननीय विधयाक
इस पूरे घटनाक्रम ने शिवपुरी की राजनीति में हलचल मचा दी है। सवाल यह उठता है कि जो विधायक अपने ही पोलिंग एजेंट को नहीं पहचानता, वह आम जनता के दुखों को क्या पहचानेगा••? “क्या सत्ता के मद में विधायक इतने चूर हैं कि उन्हें जमीनी कार्यकर्ताओं की मेहनत 'षड्यंत्र' नजर आने लगी है•••? कपिल लोधी ने अब इस मामले की शिकायत पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से करने का मन बना लिया है। देखना यह होगा कि भाजपा संगठन अपने इस 'अपमानित' कार्यकर्ता को न्याय दिलाता है या विधायक की इस 'भूलने की बीमारी' पर पर्दा डालता है।

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