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अवैध कट, ओवरस्पीडिंग और तकनीकी खामियों के कारण पिछले साल 1 लाख 42 हजार मौते प्रतिदिन 389 मौत आखिर कब ध्यान देंगी सरकारे

सोमवार, 16 फ़रवरी 2026

अवैध कट, ओवरस्पीडिंग और तकनीकी खामियों के कारण पिछले साल 1 लाख 42 हजार मौते प्रतिदिन 389 मौत आखिर कब ध्यान देंगी सरकारे 



भोपाल। सड़कों पर बढ़ती दुर्घटनाएं अब केवल 'हादसा' नहीं, बल्कि एक गंभीर राष्ट्रीय चिंता का विषय बन चुकी हैं। प्रतिवर्ष लाखों परिवारों के उजड़ने के पीछे मानवीय भूल के साथ-साथ प्रशासनिक और ढांचागत कमियां भी उत्तरदायी हैं। सरकार को इन मौतों के आंकड़ों को कम करने के लिए निम्नलिखित कठोर और तकनीकी सुधारों पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है:

अवैध कटों पर सर्जिकल स्ट्राइक (स्थायी समाधान)

हाइवे और फोरलेन पर स्थानीय रसूख या सुविधा के लिए बनाए गए अवैध कट मौत के सबसे बड़े केंद्र हैं। राज्य और राष्ट्रीय राजमार्गों पर मौजूद सभी अवैध कटों को कंक्रीट बैरियर के जरिए स्थायी रूप से बंद किया जाए, दंडात्मक कार्रवाई: जिस क्षेत्र में अवैध कट दोबारा खुलता पाया जाए, वहां के संबंधित सड़क अधिकारी और स्थानीय एजेंसी पर भारी जुर्माना आरोपित किया जाए।

ओवरस्पीडिंग पर 'डिजिटल' प्रहार और पंजीकरण निरस्तीकरण

केवल आर्थिक जुर्माना (Fine) तेज रफ्तार के शौकीनों के लिए पर्याप्त नहीं है। इसके लिए कानून में क्रांतिकारी बदलाव की आवश्यकता है: स्वत: पंजीकरण निरस्तीकरण: ई-चालान प्रणाली को इतना सशक्त बनाया जाए कि निर्धारित गति सीमा के उल्लंघन पर वाहन का पंजीकरण (Registration) स्वतः ही निलंबित या निरस्त हो जाए।, तत्काल जब्ती: किसी भी सुरक्षा यूनिट (पुलिस या परिवहन दल) को यह अधिकार हो कि वह ओवरस्पीडिंग में चिन्हित वाहन को ऑन-द-स्पॉट जब्त कर सके।

आबादी वाले क्षेत्रों के लिए 'स्मार्ट' सुरक्षा ढांचा

जहाँ हाईवे आबादी वाले क्षेत्रों से गुजरते हैं, वहां सुरक्षा के मानक अंतरराष्ट्रीय स्तर के होने चाहिए, पोटोमैक (Potomac) सेंसर: सघन आबादी वाले क्षेत्रों में 'पोटोमैक' चालान सेंसर और डिजिटल स्पीड बोर्ड लगाए जाएं, जो चालक को सचेत करें और उल्लंघन पर तुरंत ई-चालान जनरेट करें। वैज्ञानिक स्पीड ब्रेकर: आबादी के प्रवेश द्वार पर डबल एस (SS) मानक के स्पीड ब्रेकर और स्पष्ट दृश्यता वाले 'साइन बोर्ड' अनिवार्य रूप से स्थापित किए जाएं।

आंकड़ों का विश्लेषण और सरकार के लिए चेतावनी:

भयावह सत्य: पिछले 5 वर्षों में 6.32 लाख से अधिक लोगों ने अपनी जान सिर्फ इसलिए गंवा दी क्योंकि वाहनों की रफ्तार पर लगाम नहीं थी। यह संख्या कई छोटे देशों की कुल जनसंख्या से भी अधिक है आर्थिक नुकसान: सड़क हादसों में जान गंवाने वाले अधिकांश लोग 18 से 45 वर्ष के आयु वर्ग के होते हैं, जो देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं।आंकड़ों के विश्लेषण से स्पष्ट है कि अवैध कट और आबादी वाले क्षेत्रों में स्पीड लिमिट बोर्ड की कमी ही इन मौतों के लिए 70% जिम्मेदार हैं।

सरकार के लिए 'एक्शन प्लान' (सुझाव सारांश):

कठोर दंड: ई-चालान कटते ही ओवरस्पीड वाहन का रजिस्ट्रेशन तत्काल निरस्त हो और कोई भी सरकारी यूनिट उसे जब्त करने के लिए अधिकृत हो तकनीकी घेराबंदी: जहाँ आबादी अधिक है, वहाँ पोटोमैक (Potomac) सेंसर और डबल एस (SS) स्पीड ब्रेकर अनिवार्य किए जाएं।अवैध कट बंदी: हाईवे पर बने हर एक अवैध कट को कंक्रीट वॉल से बंद कर इसे 'जीरो टॉलरेंस' जोन घोषित किया जाए।

सरकार से अपेक्षाएं (निष्कर्ष)

सड़क सुरक्षा केवल प्रचार का विषय नहीं, बल्कि कठोर क्रियान्वयन का विषय है। यदि सरकार रजिस्ट्रेशन निरस्त करने और अवैध कटों को पूरी शक्ति से बंद करने जैसे कदम उठाती है, तो सड़क हादसों में 40% से 50% तक की कमी तत्काल लाई जा सकती है।

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