5 साल में 6 लाख मौतें : सड़क सुरक्षा के लिए कृष्ण कुमार गोस्वामी का क्रांतिकारी ब्लूप्रिंट तैयार 50% तक कम हो सकते हैं हादसे
अवैध कट, ओवरस्पीडिंग और तकनीकी खामियों के कारण पिछले साल 1 लाख 42 हजार मौते प्रतिदिन 389 मौत आखिर कब ध्यान देंगी सरकारे
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| कृष्ण कुमार गोस्वामी जी |
भोपाल मध्य प्रदेश । विशेष खबर “मोहन विकट देश की सड़कों पर होने वाली मौतें अब महज 'हादसा' नहीं, बल्कि एक राष्ट्रीय आपदा बन चुकी हैं। पिछले साल के आंकड़े रूह कंपाने वाले हैं—1 लाख 42 हजार मौतें, यानी हर दिन 389 लोग अपनी जान गंवा रहे हैं। परिवहन अधिकारी कृष्ण कुमार गोस्वामी ने इन मौतों को रोकने के लिए सरकार के सामने एक कड़ा और तकनीकी 'एक्शन प्लान' रखा है।
अवैध कटों पर 'कंक्रीट' का प्रहार
राजमार्गों पर स्थानीय रसूख और सुविधा के लिए बनाए गए 'अवैध कट' मौत के सबसे बड़े जाल हैं। समाधान: सभी अवैध कटों को कंक्रीट बैरियर से स्थायी रूप से सील किया जाए। जवाबदेही: यदि किसी क्षेत्र में दोबारा अवैध कट खुलता है, तो वहां के संबंधित अधिकारी और एजेंसी पर भारी जुर्माना लगे।
ओवरस्पीडिंग: सिर्फ जुर्माना नहीं, छिन जाएगा 'वाहन का अधिकार'
रफ्तार के शौकीनों के लिए अब केवल चालान काफी नहीं है। गोस्वामी जी ने क्रांतिकारी बदलाव का सुझाव दिया है “पंजीकरण निरस्तीकरण: ई-चालान प्रणाली को सीधे वाहन के रजिस्ट्रेशन से जोड़ा जाए। तय सीमा से अधिक रफ्तार होने पर वाहन का पंजीकरण (Registration) तुरंत निरस्त हो।ऑन-द-स्पॉट जब्ती: सुरक्षा बलों को अधिकार मिले कि ओवरस्पीडिंग करने वाले वाहन को मौके पर ही जब्त करें।
आबादी वाले क्षेत्रों में 'स्मार्ट' सुरक्षा चक्र
जहाँ हाईवे रिहायशी इलाकों से गुजरते हैं, वहां सुरक्षा मानकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने की आवश्यकता है “पोटोमैक (Potomac) सेंसर: सघन आबादी वाले क्षेत्रों में ये सेंसर और डिजिटल स्पीड बोर्ड लगाए जाएं, जो उल्लंघन करते ही तुरंत ई-चालान जेनरेट करें।”वैज्ञानिक स्पीड ब्रेकर: आबादी के प्रवेश द्वारों पर 'डबल एस' (SS) मानक के स्पीड ब्रेकर और हाई-विजिबिलिटी साइन बोर्ड अनिवार्य हों।
आंकड़ों की भयावह तस्वीर (पिछले 5 वर्ष)
अगर पिछले पाँच साल का रिकॉर्ड देखें तो देश भर में पिछले पाँच साल में 6.32 लाख लोगों की सड़क हादसे में मौत हुई है यानी प्रतिदिन लगभग 389 मौतें उम्र की बात करें तो सबसे प्रभावित आयु 18 साल से लेकर 45 साल तक के लोगों की जान गई है हादसों की बात करें तो 70 प्रतिशत हादसे ओवरस्पीड साईन बोर्ड और अवैध कट के कारण हुए हैं।
विशेषज्ञ की राय: "सड़क सुरक्षा केवल प्रचार का विषय नहीं है। यदि सरकार 'जीरो टॉलरेंस' नीति अपनाकर रजिस्ट्रेशन निरस्त करने जैसे कड़े कदम उठाती है, तो सड़क हादसों में 40% से 50% तक की तत्काल कमी लाई जा सकती है। “देश की सड़कों को 'डेथ ट्रैप' बनने से बचाने के लिए अब नरम रुख नहीं, बल्कि गोस्वामी जी द्वारा सुझाए गए तकनीकी और दंडात्मक सुधारों की सख्त जरूरत है। क्या सरकार इन सुझावों पर गौर कर लाखों परिवारों को उजड़ने से बचाएगी••?

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