छात्रा का आरोप शिक्षक बोला “तेरे तो चार-चार बॉयफेंड होगे, तू अपनी खिड़की खोल ले, 50 किलो का शरीर लेकर आ जाती है, तेरे से उठाई नहीं आता, इतना भारी शरीर कर लिया।
जिला शिक्षा अधिकारी आकाश यादव से छात्रा की न्याय की गुहार क्या छात्रा को मिल सकेगा न्याय।
-सांदीपनी विद्यालय के शिक्षक व प्रिसिंपल पर छात्रा ने लगाये अमर्यादित, जातिसूचक दुर्वव्यहार के आरोप।
शिवपुरी।मेडीकल कॉलेज के पास स्थित सांदीपनी विद्यालय के शिक्षक पर 12वीं कक्षा की छात्रा ने अमर्यादित एवं अभद्रता के आरोप लगाये हैं। छात्रा ने मामले की शिकायत जिला कलेक्टर कार्यालय एवं जिला शिक्षा अधिकारी आकश यादव को दर्ज कराई है। लेकिन शिकायत के बाद भी मामले में अभी तक कोई ठोस कार्यवाही देखने को नहीं मिली है।
शिकायती आवेदन के अनुसार सांदीपनी विधालय में पढ़ने वाली छात्रा ने शिक्षक आकाश शर्मा पर गंभीर आरोप लगाये है कि शिक्षक उनसे बोलते है कि ‘‘तेरे तो चार-चार बॉयफेंड होगे, तू अपनी खिड़की खोल ले, 50 किलो का शरीर लेकर आ जाती है, तेरे से उठाई नहीं आता, इतना भारी शरीर कर लिया’’ छात्रा ने इस मामले की शिकायत स्कूल के पैरेन्टस मीटिंग में प्राचार्य कीर्ति गुप्ता से की तो प्रिंसिपल ने बोला कि ‘‘मैंने उसे नोटिस दे दिया है आगे कहा कि मेरा दिमाग क्यों खा रही है, मेरे व्रत चल रहे हैं, जाओ यहां से तुमने मेरा नाम आवेदन में क्यों लिखवाया है उसे कठवा दे’’ साथ ही छात्रा को शिकायत वापिस लेने की धमकी दी गई। छात्रा के अनुसार जब उसने प्रिसिंपल को 2 दिन बाद फिर से आवेदन दिया तो चिल्लाकर भगा दिया, और प्रिंसिपल ने जातिसूचक दुर्वव्यवहार करते हुये कहा कि ‘‘तुम तो एससी वाले हैं हमारा क्या कर लेंगे, हमारी सरकार चलती है, तुम चमार हो, स्कूल में कैमरे चालू नहीं हैं तू हमारा क्या कर लेगी’’ छात्रा ने शिकायत में स्कूल के कुछ अन्य शिक्षकों पर भी आरोप लगाए, शिक्षकों ने कहा कि हम तेरे साथ में मौका देखकर कभी भी कुछ भी करवा सकते हैं, तू क्या कर लेगी हमारा।यह सभी आरोप छात्रा ने अपने शिकायती आवेदन में लगाये हैं। जिसकी शिकायत कलेक्टर कार्यालय एवं जिला शिक्षा अधिकारी आकाश यादव को दर्ज कराई गई है।
“सवाल यहां यह है कि एक स्कूली छात्रा के साथ शिक्षक सहित स्कूल की प्रिंसिपल का अमर्यादित एवं अभद्र भाषा का इस्तेमाल कर जाति सूचक दुर्वव्यवार करने पर शिक्षा विभाग के जिम्मेदार अधिकारी आकाश यादव ने मामले में कोई ठोस कार्यवाही नहीं की है। ऐसे में पीड़ित छात्रा को न्याय कैसे मिलेगा। आखिर शिक्षा के मंदिर में ऐसी घिनौनी हरकत कहां तक उचित है।अब देखना यह होगा कि इस मामले में शिक्षा विभाग के जिम्मेदार अधिकारी शिक्षक सहित स्कूल प्रिसिंपल पर क्या उचित कार्यवाही करते है।
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इस पूरे मामले पर जिला शिक्षा अधिकारी आकाश यादव से फोन पर कई बार सम्पर्क किया गया लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।
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